राजस्थान का लोक नृत्य चरी जिसमें कलाकार एक के बाद एक कलश या चरी की संख्या बढाते हुये लोक गीत पर नृत्य प्रस्तुत करता है। इसी बीच वह परात, तलवार, कांच की किरचों पर नृत्य करता हुआ अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है कि उसका संतुलन देख कर दर्शक दांतों तले अगुंली दबा लेते है। इस नृत्य में बहुत अधिक अभ्यास व ध्यान की आवश्यकता होती है।
जिला फोंडा (गोवा ) में स्थित यह स्थान दूध सागर कहलाता है जो अभयारण्य में स्थित है। सफेद दूध जैसा फेनिल पानी निर्मल एहसास जगाता है। यहां दिखाई देने वाला यह रेल पुल अंग्रेजों के समय का बना हुआ है।
मंगेशपुर (गोवा) के पास के एक गांव की हवेली। इस इलाके के कई गांवों में अग्रंेजो ने ऐसी उस समय की तमाम सुख सुविधायुक्त हवेलियां उनको दी जिन्होंने उनकी अधीनता स्वीकार कर उनके लिये लगान व कचहरी का काम करना स्वीकार किया। उनको वो गांव दे दिया गया। उन्हीं हवेली में से एक को अब संग्रहालय रुप में खोला गया है।
उसी के यह चित्र है।
इनमें लगभग दो सौ साल पुरानी वस्तुएं है। इडली बनाने के बर्तन । मांस रक्षण पलंग भोजन कक्ष आभूषण रखने का पालकी रेडियो
मलेशिया कुआलालमपुर के ट्विन टावर के दृश्य।
इसका नाम पैटरोनास टावर है यह भारतीय मूल के व्यवसायी का है। यह उनकी पैटरोलियम कंपनी का आॅफिस है। ट्विन टावर के पास ही बना उसका माॅल ।