My Oil Painting
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भोर की पहली किरण
मन से मनव्योम तक ----
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बुधवार, 13 जनवरी 2010
मंगलवार, 12 जनवरी 2010
सोमवार, 11 जनवरी 2010
मंगलवार, 5 जनवरी 2010
इितहास की जुबां

http://www.blogger.com/post-edit.g?blogID=3696472272149942768&postID=6864524770901818721मिंदर के गिलयारे में भित्ति चित्र....जो वषांे से होती पुताई से दब गये थे जिन्हें अब सफाई व सावधानी से रसायन से धोकर वािपस उसी रुप मे लाया गया।
मिंदर के पट्ट मे उकेरा लेख....जिसमें लिखा है कि रानी च्ज्ञौहान अपने पीहर से यह मूिर्त साथ लाई थी फिर मंिदर बनवाया गया थ।इतिहास की जुबां
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by Dr Narendra Singh Rajpurohit
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